सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने निवेशकों को एक बार फिर खुश कर दिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए IOCL Dividend के रूप में 5 रुपए प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है। इस घोषणा के बाद निवेशकों में उत्साह बढ़ गया और मार्केट में IOCL का शेयर तेजी के साथ लगभग 2% ऊपर पहुंच गया। कंपनी की ओर से यह डिविडेंड ऐसे समय पर दिया जा रहा है जब साल भर में स्टॉक पहले ही लगभग 20% की मजबूती दिखा चुका है।
Record Date
IOCL Dividend की घोषणा के साथ ही कंपनी ने रिकॉर्ड डेट भी जारी कर दी है। डिविडेंड हासिल करने वाले निवेशकों के लिए रिकॉर्ड डेट 18 दिसंबर 2026 रखी गई है, जबकि पेमेंट की तारीख 11 जनवरी 2026 तय की गई है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के नाम 18 दिसंबर तक कंपनी की शेयरहोल्डर लिस्ट में दर्ज होंगे, उन्हें यह इंटरिम IOCL Dividend मिलेगा। इस घोषणा का असर तुरंत शेयर पर दिखाई दिया और BSE पर स्टॉक ₹164.85 तक चढ़ गया।
शेयर होल्डर पार्टनर
कंपनी ने इस बार डिविडेंड के रूप में बड़ी रकम आवंटित की है। सरकारी हिस्सेदारी होने की वजह से सबसे बड़ा लाभ केंद्र सरकार को मिलेगा। सरकार, जिसके पास इंडियन ऑयल में 51.5% हिस्सेदारी है, उसे इस इंटरिम IOCL Dividend से लगभग 3,636 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे। यह राशि दिखाती है कि सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी से सरकार की आय निरंतर मजबूत हो रही है। दूसरी तरफ रिटेल निवेशक, जिनकी संख्या सितंबर 2025 तक लगभग 29.2 लाख थी, उन्हें कुल 400 करोड़ रुपए का डिविडेंड मिलेगा। यह छोटी और मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है और दर्शाता है कि IOCL Dividend रिटेल निवेशकों के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
सरकार के अलावा दो और बड़े शेयरहोल्डर कंपनी से मोटी कमाई करेंगे। ऑयल इंडिया, जिसके पास कंपनी में 5.1% हिस्सेदारी है, उसे इस इंटरिम IOCL Dividend से लगभग 364 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे। वहीं ONGC, जिसकी 14.2% हिस्सेदारी है, उसे कुल 1,002 करोड़ रुपए मिलेंगे। शेयरहोल्डर्स के लिए यह डिविडेंड वितरण काफी बड़ा है और कंपनी की मजबूत कैश फ्लो स्थिति को प्रदर्शित करता है।
7000 करोड़ रुपए का डिविडेंड
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड समय-समय पर शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड देकर उनकी कमाई बढ़ाने का अवसर देती रही है। इस साल अगस्त में भी कंपनी ने 3 रुपए प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड जारी किया था। अब 5 रुपए के इंटरिम IOCL Dividend के बाद कंपनी का कुल वार्षिक डिविडेंड भुगतान लगभग 7,000 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। यह दर्शाता है कि कंपनी न सिर्फ अपने संचालन से बेहतर कमाई कर रही है बल्कि निवेशकों के हितों को भी प्राथमिकता देती है। पिछले वर्षों में IOCL कई बार बोनस शेयर भी जारी कर चुकी है, जिनमें 2009, 2016, 2018 और 2022 शामिल हैं। इन बोनस शेयरों ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को और मजबूत किया है।
शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले पांच दिनों में इंडियन ऑयल के स्टॉक में हल्की 0.10% की बढ़त दिखी है। हालांकि, पिछले एक महीने में शेयर ने लगभग 4.90% की गिरावट दर्ज की है। इसके बावजूद पिछले छह महीनों में यह लगभग 14.59% ऊंचा रहा है और साल-दर-साल लगभग 19.56% की बढ़त प्रदान कर चुका है। यह तेजी दर्शाती है कि निवेशक कंपनी के भविष्य और वित्तीय मजबूती पर भरोसा कर रहे हैं। IOCL Dividend की घोषणा से शेयर में और मजबूती आने की संभावना जताई जा रही है, खासकर तब जब Crude Oil Prices में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी की रिफाइनिंग मार्जिन बेहतर बनी हुई है।
Suzlon Energy Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2029, 2030 – पूरा विश्लेषण
NTPC Green Energy Share Price Target 2025, 2026, 2027, 2028, 2029, 2030 Best Analysis
इंडियन ऑयल की ओर से दिया गया यह IOCL Dividend उन निवेशकों के लिए खास मायने रखता है जो लंबे समय से सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी में भरोसा बनाए हुए हैं। उच्च कैश फ्लो और स्थिर कमाई वाली इस कंपनी के डिविडेंड रिकॉर्ड को देखते हुए निवेशकों का भरोसा और मजबूत होता है। आने वाले वर्षों में कंपनी ने अपने कई नए विस्तार प्रोजेक्ट भी तैयार किए हैं, जिनसे भविष्य में राजस्व और लाभ में और वृद्धि हो सकती है। यह उम्मीद की जा रही है कि IOCL Dividend नीति आगे भी निवेशकों को आकर्षित करती रहेगी।
Conclusion
कुल मिलाकर, IOCL Dividend की यह नई घोषणा बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। सरकार, रिटेल निवेशकों और अन्य संस्थागत शेयरहोल्डर्स के लिए यह एक बड़ा वित्तीय लाभ साबित होगा। कंपनी की स्थिरता और विकास रणनीति इसे भारत की अग्रणी ऑयल मार्केटिंग कंपनी के रूप में मजबूत बनाए हुए है। निवेशकों के लिए IOCL का यह कदम भविष्य की संभावनाओं को और भी उज्ज्वल करता है, और यही कारण है कि IOCL Dividend आज वित्तीय जगत में प्रमुख चर्चा का विषय बन गया है।
