रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में तेजी के बीच स्मॉलकैप कंपनी KPI Green Energy एक बार फिर निवेशकों के रडार पर आ गई है। बुधवार के कारोबारी सत्र में KPI Green Energy Share price को लेकर बाजार में खास उत्साह देखने को मिला। इसका मुख्य कारण कंपनी को गुजरात सरकार की एक इकाई से मिला 489 करोड़ रुपये का बड़ा सोलर प्रोजेक्ट ऑर्डर है। इस खबर के सामने आते ही स्टॉक में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ गया और निवेशकों की दिलचस्पी साफ दिखाई दी।
KPI Green Energy पहले से ही सोलर एनर्जी के क्षेत्र में एक मजबूत नाम बन चुकी है और यह नया ऑर्डर कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को और मजबूत करता है। यही वजह है कि KPI Green Energy Share price को लेकर बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना हुआ है।
गुजरात के कडाना डैम पर बनेगा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट
कंपनी को यह बड़ा ऑर्डर गुजरात स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी GSECL से मिला है। यह प्रोजेक्ट गुजरात के कडाना बांध पर विकसित किया जाएगा, जहां 142 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। डीसी कैपेसिटी के लिहाज से यह 142 मेगावाट और एसी कैपेसिटी के हिसाब से 110 मेगावाट का प्रोजेक्ट होगा।
फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट तकनीकी रूप से काफी एडवांस माने जाते हैं और भारत में अभी यह सेगमेंट शुरुआती चरण में है। ऐसे में KPI Green Energy को मिला यह प्रोजेक्ट कंपनी की टेक्निकल क्षमता और EPC अनुभव को दर्शाता है। इस खबर के बाद KPI Green Energy Share price में आने वाले समय में मजबूती की उम्मीद की जा रही है।
18 महीनों में पूरा करना होगा प्रोजेक्ट
इस सोलर प्रोजेक्ट को पूरा करने की समयसीमा 18 महीने तय की गई है। कॉन्ट्रैक्ट की कुल वैल्यू 489.17 करोड़ रुपये है, जो KPI Green Energy के मौजूदा ऑर्डर बुक के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह प्रोजेक्ट कंपनी के रेवेन्यू और कैश फ्लो को आने वाले समय में सपोर्ट कर सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े सरकारी ऑर्डर KPI Green Energy Share price को लॉन्ग टर्म में सपोर्ट देते हैं, क्योंकि इससे कंपनी की विजिबिलिटी और विश्वसनीयता दोनों बढ़ती हैं।
कंपनी ने दी क्लियर ट्रांसपेरेंसी
KPI Green Energy ने एक्सचेंज को दी गई जानकारी में साफ किया है कि इस ऑर्डर से कंपनी के प्रमोटर्स या उनके परिवार का कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। यानी यह ऑर्डर किसी भी तरह से related party transaction नहीं माना जाएगा।
इस तरह की ट्रांसपेरेंसी निवेशकों का भरोसा बढ़ाती है और यही कारण है कि KPI Green Energy Share price को लेकर बाजार में पॉजिटिव रिस्पॉन्स देखने को मिला है।
कंपनी के MD का बयान क्यों है अहम
KP Group के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. फारुक जी. पटेल ने इस प्रोजेक्ट को कंपनी और पूरे ग्रुप के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि GSECL से मिला यह 110 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट KPI Green Energy को एडवांस सोलर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नया मुकाम दिलाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रोजेक्ट कंपनी की EPC क्षमताओं को साबित करता है और भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन में KPI Green Energy की भूमिका को और मजबूत करता है। इस बयान के बाद KPI Green Energy Share price को लेकर निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।
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FII की बढ़ती हिस्सेदारी से मिला सपोर्ट
KPI Green Energy Share price को मजबूती देने वाला एक और बड़ा फैक्टर विदेशी निवेशकों की बढ़ती हिस्सेदारी है। Trendlyne के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 तिमाही में FII ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 8.26 प्रतिशत से बढ़ाकर 9.16 प्रतिशत कर दी है।
किसी भी स्मॉलकैप स्टॉक में जब FII लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो इसे लॉन्ग टर्म पॉजिटिव सिग्नल माना जाता है। यही वजह है कि KPI Green Energy Share price को लेकर बाजार में बुलिश नजरिया बना हुआ है।
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रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर का बढ़ता फोकस
भारत सरकार का फोकस तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ रहा है। सोलर और विंड एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स में लगातार निवेश हो रहा है। KPI Green Energy जैसी कंपनियां इस ट्रेंड की सबसे बड़ी लाभार्थी बन सकती हैं।
फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स भविष्य में बड़े स्तर पर अपनाए जा सकते हैं, क्योंकि ये जमीन की बचत करते हैं और पानी के वाष्पीकरण को भी कम करते हैं। इस नजरिए से KPI Green Energy Share price में लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावना देखी जा रही है।
Conclusion
हालिया ऑर्डर, FII की बढ़ती हिस्सेदारी और मैनेजमेंट का कॉन्फिडेंस यह संकेत देता है कि कंपनी अपनी ग्रोथ को लेकर काफी आश्वस्त है। हालांकि, स्मॉलकैप स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है, इसलिए निवेश से पहले जोखिम को समझना जरूरी है।
फिर भी, मौजूदा खबरों और ऑर्डर बुक को देखते हुए KPI Green Energy Share price आने वाले समय में निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बना रह सकता है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले निवेशक इस स्टॉक पर नजर बनाए रख सकते हैं।
